Thursday, June 13, 2013

इण्टरनेट पत्रिका साहित्य मुरादाबाद का हुआ लोकार्पण

 इण्टरनेट पत्रिका साहित्य मुरादाबाद का हुआ लोकार्पण

                            दिनाँक 9 जून, 2013 को अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में आकाँक्षा विद्यापीठ मिलन विहार मुरादाबाद में लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया।
साहित्य मुरादाबाद का लोकार्पण करते साहित्यकार
                            कार्यक्रम में मुरादाबाद के युवा रचनाकार एवं हिन्दू कॉलेज मे एम. कॉम. अन्तिम वर्ष के छात्र जितेन्द्र कुमार जौली द्वारा सम्पादित तथा मुरादाबाद के साहित्य को समर्पित इण्टरनेट पत्रिका साहित्य मुरादाबाद का लोकार्पण किया गया।
साहित्य मुरादाबाद के बारे में जानकारी देते जितेन्द्र कुमार जौली
                           कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्री वीरेन्द्र सिंह ब्रजवासी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वन्दना से किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित रचनाकारों एवं वक्ताओं ने पत्रिका के लोकार्पण पर जितेन्द्र कुमार जौली एवं पत्रिका परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएँ प्रदान की।
साहित्य मुरादाबाद के लोकार्पण समारोह में श्री जगदीप भटनागर
                          पत्रिका के वरिष्ठ सम्पादक सम्पादक अम्बरीश गर्ग ने बताया कि साहित्य मुरादाबाद मुरादाबाद के साहित्य को दुनिया के कोने-कोने में पहुँचाने का कार्य करेगी और यह पत्रिका शोधकार्य की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगी।
                          पत्रिका के वरिष्ठ सम्पादक अशोक विश्नोई का कहना था कि यह मुरादाबाद के साहित्य में नवाचार लाने का कार्य करेगी तथा मुरादाबाद के साहित्य को नई दिशा प्रदान करेगी।
साहित्य मुरादाबाद के लोकार्पण समारोह में श्री अशोक विश्नोई
कार्यक्रम अध्यक्ष पुष्पेन्द्र वर्णवाल ने बताया कि यह पहली इण्टरनेट पत्रिका है, जो पूर्णतया मुरादाबाद के साहित्य को समर्पित है। यह साहित्य तथा समाज के मध्य सेतु का कार्य करेगी और इसके द्वारा मुरादाबाद साहित्य का इतिहास लिखा जा रहा है। 

                      पत्रिका के मुख्य सम्पादक जितेन्द्र कुमार जौली ने बताया कि आप इण्टरनेट पर www.sahityambd.blogspot.com टाइप करके मुरादाबाद के साहित्य, सहित्यकारों, उनकी पुस्तकों एवं साहित्यिक गतिविधियों के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हम साहित्य मुरादाबाद के द्वारा मुरादाबाद के साहित्यकारों को इण्टरनेट पर स्थायी स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस पत्रिका में मुरादाबाद के प्रत्येक रचनाकार का पेज तैयार किया जा रहा है, जिसमें उसका सचित्र परिचय एवं रचनाएँ प्रकाशित की जा रही हैं।
                     जौली ने इण्टरनेट साहित्य की दुनिया के जाने माने व्यक्तित्व और साहित्य मुरादाबाद के तकनीकी सलाहकार अवनीश सिंह चौहान को इस पत्रिका के निर्माण का अभिप्रेरणा स्त्रोत बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
                         पत्रिका के साथ-साथ साहित्य मुरादाबाद का फेसबुक अकाउंट, फेसबुक फैन पेज़ तथा फेसबुक ग्रुप भी बनाया गया है और लोग साहित्य मुरादाबाद को ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।
                         कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री पुष्पेन्द्र वर्णवाल ने की। मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र मोहन शर्मा श्रृंग एवं विशिष्ट अतिथिति श्री रामदत्त द्विवेदी, कृष्ण कुमार नाज़ एवं श्री जयराम सिंह रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अम्बरीष गर्ग ने किया।
                        कार्यक्रम में शिशुपाल मधुकर, डॉ. राकेश जैसवाल, डॉ. कृष्ण कुमार नाज़, मनोज सम्राट, रवि चतुर्वेदी, सतीश सार्थक, ओमकार सिंह ओंकार, के.पी. सिंह, रघुराज सिंह निश्चल, परवेन्द्र सिंह, अंशुल तिवारी, यशपाल सिंह खामोश, राकेश चक्र, जयराम सिंह, योगेन्द्र सिंह, के.के. गुप्ता, सतीश फ़िगार आदि उपस्थित रहे।

Sunday, May 27, 2012

नेट परीक्षा के कारण वोट नहीं दे सकेंगे लाखों वोटर

नेट परीक्षा के कारण वोट नहीं दे सकेंगे लाखों वोटर
                          
                          उत्तर प्रदेश में निकाय चुनावों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव चार चरणो में सम्पन्न होगा। पहले चरण का मतदान 24 जून, दूसरे का 27 जून, तीसरे का 1 जुलाई तथा चौथे चरण का 4 जुलाई को होगा। चुनाव आयोग द्वारा चुनावी कार्यक्रम तैयार करने में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा नेट का ध्यान नहीं दिया गया। गौर करने वाली बात है कि 24 जून को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का आयोजन किया जायेगा तथा उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण का मतदान भी 24 जून को होगा। उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों नेट की परीक्षा देंगे तथा अनेक कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी परीक्षा सम्बन्धी ड्यूटी पर रहेंगे। ऐसे में लाखो मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाएंगे।
                         नेट राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसकी तिथि पूर्व निर्धारित है तथा इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता। अतः चुनाव आयोग को चाहिए कि वे मामले की गम्भीरता को देखते हुए प्रथम चरण के निकाय चुनाव की तिथि में आवश्यक संशोधन करे।
-जितेन्द्र कुमार जौली

Friday, May 25, 2012

बी0एड0 कॉलेजो में भ्रष्टाचार को रोकेगी टी0ई0टी0 मेरिट

बी0एड0 कॉलेजो में भ्रष्टाचार को रोकेगी 
टी0ई0टी0 मेरिट 

                                         अगर उत्तर प्रदेश के निजी बी0एड0 कॉलेजों की सी0बी0आई0 जाँच कराई जाए तो यह पता चलेगा कि यहाँ के 90% से अधिक कॉलेजों मे भ्रष्टाचार व्याप्त है। यहाँ बी0एड0 के छात्रों से निर्धारित फीस से 5000 से 35000 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जाते हैं। बीच-बीच में भी यूनीफॉर्म, टूर, स्काउट कैम्प तथा लैसन प्लान आदि के नाम पर भी उगाही की जाती है। कुछ कॉलेज प्रवेश पत्र के नाम पर भी हजारों रुपये उगा लेते हैं।
                                          यही नहीं प्रैक्टिकल के नाम पर भी दो से दस हजार रुपये प्रति छात्र वसूले जाते हैं। यदि कोई छात्र नियमित रुप से कॉलेज नहीँ आना चाहता तो 15 से 30 हजार रुपये उस छात्र को देने पड़ते हैं। कुछ कॉलेजों मे मार्कशीट और एन0सी0टी0ई0 प्रमाण पत्र के नाम पर भी वसूली की जाती है।
                                          छात्रों द्वारा न चाहते हुए भी कॉलेज प्रशासन को इतनी रकम देनी पड़ती है। यदि कोई छात्र इसके विरुद्ध जाने का प्रयास करता है तो उसके नम्बर काट लिए जाते हैं।
                                          विशिष्ट बी0टी0सी में हाईस्कूल से बी0एड0 तक की मेरिट बनाये जाने की पद्धति के कारण ये हालात उत्पन्न हुए हैं। यदि टी0ई0टी0 मेरिट के आधार पर भर्ती होगी तो इस प्रकार की गतिविधियों पर काफी लगाम लग जाएगी।
-जितेन्द्र कुमार जौली

Friday, April 20, 2012

बी0एड0 प्रवेश परीक्षा देने वाले सावधान


बी0एड0 प्रवेश परीक्षा देने वाले सावधान

                          यूपी में 72 हजार प्राईमरी शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन पढ़कर बी0एड0 करने और विशिष्ट बी0टी0सी0 के द्वारा शिक्षक बनने का ख्वाव देखने वाले अपनी आँखे खोलें और सोचें कि पिछली बार 6 लाख लोगों ने बी0एड0 प्रवेश परीक्षा दी थी जबकि इस बार मात्र 3 लाख 70 हजार तक संख्या पहुँची है। इसके 2 कारण हैं। पहला टी0ई0टी की अनिवार्यता और दूसरा यह कि भविष्य में बी0एड0 वाले प्राईमरी के अध्यापक नहीं बन पाएँगे। एन0सी0टी0ई0 के नियमानुसार 1 जनवरी 2012 के बाद कोई भी बी0एड0 डिग्रीधारक कक्षा 5 तक का अध्यापक नहीं बन पायेगा। केवल बी0टी0सी0 और दो साल की एन0टी0टी0 + टी0ई0टी0 वाले ही अध्यापक बन सकेंगे।
                            बी0एड0 डिग्रीधारक केवल कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षक बनेंगे और इस प्रकार के शिक्षकों की भर्ती एक साल में 2 या 3 हजार से ज्यादा नही होती।
                            इस बार बी0एड0 प्रवेश परीक्षा दे रहे 90% अभ्यर्थियों को ये नहीं मालूम कि वे कक्षा 5 तक के अध्यापक नहीं बन पाएँगे। अगर आप बी0एड0 करके केवल कक्षा 5 तक के अध्यापक बनना चाह रहे थे तो सपने देखने छोड़ दीजिए नही तो लाखों रुपये और एक साल का नुक्सान हो जायेगा। 

-जितेन्द्र कुमार जौली
छात्र एम0एड0, हिन्दू कालेज, मुरादाबाद। 

Tuesday, March 27, 2012

कहाँ गये टीईटी धारको द्वारा भेजे गये हजारो पत्र

कहाँ गये टीईटी धारको द्वारा भेजे गये हजारो पत्र
                           मायावती के शासनकाल में जनता की समस्याओं से सम्बन्धित जो पत्र मुख्यमन्त्री कार्यालय पहुँचते थे उनमे से 80% पर तुरन्त कार्यवाही होती थी। अखिलेश से भी लोगो को ऐसी उम्मीद है।
                            यूपीटीईटी मे पास हुए लगभग 3 लाख लोगों को टीईटी रद्द होने का डर सता रहा है। इसलिए इन्होने प्रत्येक जिले मे पत्र लिखने का अभियान चलाया गया है, जिसमे अभ्यर्थियो ने अपनी व्यथा का वर्णन करते हुए टीईटी को रद्द न करने की माँग की है। पत्रो के साथ फैक्स और ईमेल भी भेजे गये है तथा प्रत्येक जिले में दूसरे-तीसरे दिन डी0एम0 और बी0एस0ए0 आदि के माध्यम से भी मुख्यमन्त्री को सम्बोधित ज्ञापन दिये जा रहे हैं।
                          प्रदेश स्तर पर इस अभियान मे 10 हजार से अधिक संदेश भेजे जा चुके हैँ। पर अभी तक टीईटी धारकों की समस्याओं को सुलझाने सम्बन्धी कोई कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा नहीं की गई है। अब ये समझ नही आता कि ये पत्र कहाँ गये क्या कोई पत्र मुख्यमन्त्री तक नही पहँचा। शायद एक भी पत्र मुख्यमन्त्री कार्यालय में नही पढ़ा गया क्योंकि अगर पत्र पढ़ लिये गये होते तो लखनऊ में लाठीचार्ज न हुआ होता।
-जितेन्द्र कुमार जौली

Saturday, March 24, 2012

टीईटी धारको पर लाठीचार्ज शर्मनाक

टीईटी धारको पर लाठीचार्ज शर्मनाक

                                    चुनाव से पूर्व अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार बनने पर टीईटी रद्द कर देंगे। अब सपा सरकार बनने पर 2 लाख से अधिक अभ्यर्थियो को भर्ती रद्द होने का डर सता रहा है।
                                   भर्ती प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने, रद्द होने से रोकने और टीईटी की मेरिट के आधार पर भर्ती की माँग लेकर 55 जिलो के 20 हजार अभ्यर्थी लखनऊ पहुँचे और निर्णय लिया कि विधानसभा के सामने होते हुए झूलेलाल पार्क मे अनशन पर बैठेंगे और अखिलेश यादव से मिलेंगे। ये अभ्यर्थी दो लाइने बनाकर शान्तिपूर्वक जा रहे थे। पुलिस ने इन्हे रोका तो जाम लग गया। पुलिस ने कहा अखिलेश जी आ रहे हैं। 1 घंटे तक उनके न आने पर लोगो ने आगे बढ़ने कि कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे 3 लोगों का सिर फूट गया तथा 2 दर्जन से अधिक के चोटें आईं हैं। लोगो ने लाठियाँ खाकर भी किसी की सम्पत्ति को एक रुपये का भी नुक्सान नहीं पहुँचाया।
                                 सरकार इन्हे उपद्रवी बताकर मामले से पल्ला झाड़ना चाहती है। बिना अखिलेश की अनुमति के बिना कोई पुलिस अधिकारी लाठीचार्ज नही करवा सकता था। अखिलेश यादव ने लाठीचार्ज करवाकर यह साबित कर दिया कि वे युवाओं के हितैषी होने का ढोंग कर रहे हैं। वे सिर्फ भत्ता दे सकते हैं, रोजगार नही।
-जितेन्द्र कुमार जौली

Thursday, March 15, 2012

राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति ने किया जितेन्द्र कुमार जौली को सम्मानित

युवा साहित्यकार 
 जितेन्द्र कुमार जौली सम्मानित
 जितेन्द्र कुमार जौली सम्मानित
                          
                              14 मार्च 2012 को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति द्वारा गायत्री प्रज्ञा पीठ मुरादाबाद में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा युवा साहित्यकार जितेन्द्र कुमार जौली का सम्मान।
                             राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से जितेन्द्र जौली को पाँच सौ एक रुपये नकद, शॉल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष अम्बरीश गर्ग ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में युवाओ को बढ़चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। क्योंकि साहित्य ही संस्कारो को जन्म देता है इसलिए वे युवा जो साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं प्रशंसा और सम्मान के पात्र हैं। इसी भावना के चलते मुरादाबाद के युवा साहित्यकार जितेन्द्र कुमार जौली को सम्मानित किया गया है।
                             इस अवसर पर रामसिंह निःशंक, योगेन्द्रपाल सिंह विश्नोई, कृपाल सिंह धीमान, रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ, अशोक विश्नोई, योगेन्द्र व्योम, रामदत्त द्विवेदी, मनोज मनु, कृष्ण कुमार नाज़ आदि ने काव्यपाठ किया। योगेन्द्र सिंह, मनोज सम्राट, रमेश कृष्ण आदि लोग उपस्थित थे।